रक्षा राज्य मंत्री श्री जितेन्द्र सिंह ने कल दिल्ली छावनी के गैरिसन परेड मैदान में 'राष्ट्र के नौजवान रक्षकों' द्वारा एक प्रभावशाली मार्च-पास्ट की सलामी ली। इसी के साथ नौ दिवसीय राष्ट्रीय केडिट कोर के राष्ट्रीय खेल 2013 का समापन हो गया। समारोह की रंगारंग प्रस्तुति में युवा ऊर्जा देखते बनती थी, जिसने दर्शकों के हृदय को गर्व से ओतप्रोत कर दिया। इन केडिटों ने 'दि नेशनल केडिट कोर' के सर्वोच्च मूल्यों के साथ एक सशक्त नागरिक बनने की राह आकांक्षापूर्ण भारत की सच्ची तस्वीर पेश की।
अपने भाषण में एनसीसी राष्ट्रीय खेलों को प्रभावशाली ढंग से आयोजित करने पर मंत्री महोदय ने एनसीसी के महानिदेशक ले.जन. पीएस भल्ला और पूरे एनसीसी परिवार को बधाई दी। उन्होंने भविष्य के इन मार्गदर्शकों को तैयार करने और समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र के निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने में अग्रणी रहने के लिए केडेटों को प्रोत्साहित करने में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका और वचनबद्धता की ओर ध्यान दिलाया। मंत्री महोदय ने मुख्य अतिथि के रूप में खेलों के विजेताओं को सम्मान चिन्ह प्रदान किए। उन्होंने पश्चिम बंगाल और सिक्किम निदेशालय को ओवरऑल चैंपियन ट्रॉफी और महाराष्ट्र निदेशालय को द्वितीय विजेता सम्मान भी प्रदान किया।
समापन समारोह का प्रारंभ सैकड़ों युवा केडेटों द्वारा लयबद्ध योग के शानदार प्रदर्शन के साथ हुआ। इसके पश्चात केडेटों ने लेज़ियम और भांगड़ा के रूप में संस्कृति, संगीत और नृत्य के ज़रिए राष्ट्रीय अखंडता का प्रदर्शन किया। भारतीय वायुसेना की हैलीकॉप्टर एरोबेटिक टीम, 'सारंग्स' और सेना की 'डेयर-डेविल्स' मोटरसाईकिल प्रदर्शन टीम के रोमांचक प्रदर्शन ने दर्शकों को बांधे रखा। वायुसेना के एडवेंचर सेल की हवा में गोता लगाने वाली टीम 'एयर-डेविल्स' ने भी शानदार करतब दिखाए। इसके बाद भाग लेने वाले खिलाडि़यों द्वारा भव्य मार्च-पास्ट किया गया। इनकी अगुवाई राष्ट्र, सेना ध्वज और एकता व अखंडता के चिन्ह वाले एनसीसी के ध्वज थामे हुए केडिटों ने की। भारतीय सेना के पेरामोटर टीम ने इस माहौल में और भी रंग भर दिए।
एनसीसी राष्ट्रीय खेलों का प्रारंभ 1997 में हुआ था जब यह एनसीसी के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किए गए समारोह के एक हिस्से के रूप में आयोजित किए गए थे। आने वाले सालों में क्षेत्रीय स्तरों पर अलग-अलग खेल आयोजित कराने के लिए इसके रूप में कुछ बदलाव किए गए। खिलाड़ी की प्रतिभा रखने वाले केडेटों में एक बड़े खेल समारोह की भावना भरने व उनके हुनर को और निखारने और उन्हें तैयार करने के लिए इस साल से यह खेल दिल्ली में एक केंद्रीयकृत रूप में कराए जा रहे हैं। एनसीसी महानिदेशालय द्वारा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 अक्तूबर 2013 से आयोजित किए गए इन खेलों में सात प्रकार के खेलों के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हुए 17 राज्यों के निदेशालयों से तकरीबन 2100 केडिटों ने भाग लिया।
इस समापन समारोह में एक बड़ी संख्या में उच्च पदाधिकारियों और प्रतिष्ठित मेहमानों ने हिस्सा लिया जिनमें वायुसेना प्रमुख एन ए के ब्राउन, थल सेना प्रमुख जन. बिक्रम सिंह, सेना और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं के उच्च पदाधिकारी शामिल थे।