हाल ही में रणवीर सिंह अभीनीत फिल्म धुरंदर 2 आई है। फिल्म में पंचकूला की जाहनवी बंसल ने भी एक अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने इस फिल्म में आर माधवन की पत्नी की भूमिका में अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। रोल भले ही छोटा हो मगर वह अपनी छाप छोडऩे में कामयाब रहीं हैं। विज्ञापनों में बतौर मॉडल अपने काम की शुरुआत करने वाली जाहन्वी ने एक एक कदम बढ़ाते हुए हिंदी,दक्षिण भारत,हॉलिवुड़ की फिल्मों के साथ साथटीवी और नेटफिलिक्स पर भी काम करके अपने अभिनय की छाप छोड़ी।
साल 2026 में उनकी फिल्म द लास्ट लेटर राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए आधिकारिक रूप से चयनित हुई है। वह कहती हैं कि द लास्ट लेटर का आधिकारिक चयन उन्हें एक नए अध्याय की शुरुआत जैसा लगा। इसके बाद काम की लय और तेज़ हो गई—एक साथ कई दुनियां, कई भाषाएँ, और अनगिनत किरदार सब कुछ करने का अवसर मिला। इम्तियाज़ अली की द रिटर्न में दिलजीत दोसांझ के साथ काम करने का अनुभव सेट पर सुकून और चुस्ती का अनोखा मेल था तो धर्मा प्रोडक्शन की पंजाबी फिल्म ब्याह करतारे दा में गिप्पी ग्रेवाल की मासी की भूमिका में देसी ठसक मिली, तो बॉलीवुड रिलीज़ धुरंधर 2 में आदित्य धर के निर्देशन में आर. माधवन सर की पत्नी के रूप में एक शहरी संवेदनशीलता को छूने का मौका मिला।
सन ऑफ़ द रिवर (गोतकौर) और कर्स्ड टू लाइव (बंट सिंह की माँ) जैसी डॉक्यूमेंट्री-फिल्मों में कात्यायनी कुमार और अध्विक महाजन के साथ काम ने यथार्थ के धीर-गंभीर रंग दिखाए। इसके बाद हॉलवुड़ का सफर शुरु हुआ। विकास खन्ना की द इमैजिनरी रेन में शबाना आज़मी और प्रतीक बब्बर के साथ एक माँ की भूमिका निभाई। दक्षिण में लीयो के शुरुआती दृश्य में कलेक्टर ऑफिसर की पत्नी और मलयालम फिल्म ए मलयाली फ्रॉम इंडिया में नफ़ीसा अली जलाल के रूप में निविन पॉल के साथ स्क्रीन साझा करना विस्तृत कैनवास जैसा रहा।
नेटफ्लिक्स सीरीज शक में सिस्टर लौएला से लेकर किल, सब फर्स्ट क्लास, गुस्ताख इश्क तक—हर प्रोजेक्ट ने अलग स्वर दिया। पंजाबी सिनेमा में ब्याह करतारे दा, इश्कान दे लेखे, हैप्पी खुश खुश हो गया, शौंकी सरदार, मित्रान दा चले ट्रक नी, फफ्फे कुटनिया और बदनाम जैसी फिल्मों में मासी, वाइस प्रिंसिपल, माँ और किटी होस्ट जैसे विविध किरदारों ने ज़मीन से जुड़ाव बनाए रखा।
एक तरफ़ अंतरराष्ट्रीय चयन और डॉक्यूमेंट्री की गंभीरता, दूसरी तरफ़ बॉलीवुड-दक्षिण-पंजाबी की रफ़्तार—इनके बीच संतुलन बनाते हुए किरदारों की सादगी और सच को पकडऩे की कोशिश जारी है। अगली स्क्रिप्ट का इंतज़ार है, नई माँओं, बहनों और बेवाक जिंदगियों को खोजने का।