चंडीगढ़, 29 अक्तूबर - रिजनल सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (आरसीईडी), चंडीगढ़, के निदेशक परमजीत सिंह के नेतृत्व में आज ज़ोहो कारपोरेशन के साथ एक मेमोरेन्डम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। इस अवसर पर ज़ोहो कारपोरेशन का प्रतिनिधित्व ग्लोबल हेड मोहम्मद रमीज़ ने किया।
समारोह में प्रोफेसर डॉ. जे.के. सेहगल, प्रिंसिपल, पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर 11, चंडीगढ़ सहित सभी गणमान्य अतिथि मौजूद थे। यह कदम युवाओं को कौशल विकास और उद्यमिता के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस साझेदारी के तहत आरसीईडी ने अपने नवीनतम कौशल विकास कार्यक्रम के सफल उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। यह कार्यक्रम युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने पर केंद्रित है। आरसीईडी की टीम ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने आगे कहा कि ज़ोहो कारपोरेशन भारत की नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
भारत में स्थापित इस कंपनी ने क्लाउड-आधारित एंटरप्राइज सॉफ़्टवेयर समाधान और व्यवसाय प्रबंधन, सहयोग व उत्पादकता के उपकरण विकसित किए हैं। इसका तेजी से बढ़ना भारतीय इंजीनियरिंग की गुणवत्ता और डिजिटल भारत के विज़न का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि केंद्र सरकार ने “स्वदेशी” और “आत्मनिर्भर भारत अभियान” को बढ़ावा दिया है।
हाल ही में शिक्षा मंत्रालय ने अधिकारियों को ज़ोहो के उपकरण अपनाने का निर्देश दिया है, वहीं वरिष्ठ मंत्रियों ने भी सार्वजनिक रूप से ज़ोहो का उपयोग शुरू किया है और नागरिकों को घर-निर्मित तकनीक अपनाने की प्रेरणा दी है। आरसीईडी का यह एमओयू केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय उद्यमिता, डिजिटल साक्षरता और आत्मनिर्भर विकास को भी बढ़ावा देगा।
इस साझेदारी के माध्यम से भविष्य में एडवांस प्रशिक्षण मॉड्यूल, इनक्यूबेशन सपोर्ट और एंटरप्राइज रेडीनेस प्रोग्राम भी लागू किए जाएंगे, ताकि युवा आज की प्रतिस्पर्धात्मक अर्थव्यवस्था में सफल हो सकें। इस मौके पर आर सी ई डी की ओर से वन ट्रेड में स्किल्ड ट्रेनिंग के तहत प्रशिक्षण प्राप्त बच्चों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए।