नई दिल्ली - पीएफ में योगदान करने वाले पांच करोड़ अकाउंट होल्डरों को इस साल साढ़े आठ फीसदी ब्याज मिल सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ब्याज दर को लेकर हिसाब-किताब में लगा है। सूत्रों के मुताबिक साढ़े आठ फीसदी ब्याज देने पर ईपीएफओ को घाटा नहीं झेलना पड़ेगा। अगर ब्याज दर पौने नौ फीसदी की जाती है तो ईपीएफओ के सामने घाटे की हालत पैदा हो सकती है। वित्त मंत्रालय इसके लिए राजी नहीं होगा। ब्याज दर निर्धारित करने के लिए 23 सिंतबर को सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की बैठक होगी।