* प्राइस बैंड ₹442 से ₹465 प्रति इक्विटी शेयर (₹2 फेस वैल्यू) तय किया गया है।
* बोली/प्रस्ताव शुक्रवार, 19 सितंबर को खुलेगा और मंगलवार, 23 सितंबर, 2025 को बंद होगा। एंकर निवेशक बोली लगाने की तारीख गुरुवार, 18 सितंबर, 2025 होगी।
* न्यूनतम 32 इक्विटी शेयरों और उसके बाद 32 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकती है।
* पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी आरक्षण वाले हिस्से में बोली लगाने पर प्रति इक्विटी शेयर पर 44 रूपये की छूट दी जा रही है।
चंडीगढ़, 16 सितंबर, 2025: सातविक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (“कंपनी”) इक्विटी शेयरों के अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के संबंध में अपना बोली/प्रस्ताव शुक्रवार, 19 सितंबर, 2025 को खोलेगी। इक्विटी शेयरों के कुल ऑफर का आकार 9000 मिलियन रुपये [900 करोड़ रूपये] तक है, जिसमें 7000 मिलियन रुपये [700 करोड़ रुपये] तक का एक नया निर्गम ("नया निर्गम") और बिक्री करने वाले शेयरधारकों द्वारा 2,000 मिलियन रुपये [200 करोड़ रुपये] तक का ऑफर फॉर सेल ("ओएफएस" और नए निर्गम के साथ, "ऑफर का आकार") शामिल है।
एंकर निवेशक बोली लगाने की तारीख गुरुवार, 18 सितंबर, 2025 होगी। बोली/ऑफर शुक्रवार, 19 सितंबर, 2025 को सदस्यता के लिए खुलेगा और मंगलवार, 23 सितंबर, 2025 को बंद होगा।
ऑफर का प्राइस बैंड 442 रुपये से 465 रूपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है (पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी आरक्षण वाले हिस्से में बोली लगाने पर प्रति इक्विटी शेयर पर 44 रूपये की छूट दी जा रही है)। न्यूनतम 32 इक्विटी शेयरों और उसके बाद 32 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकती है।
कंपनी इक्विटी शेयरों के नए निर्गम से प्राप्त होने वाली शुद्ध आय का उपयोग कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों के पूर्व-भुगतान या निर्धारित पुनर्भुगतान, पूर्ण या आंशिक रूप से, हमारी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, सातविक सोलर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में, ऋण या इक्विटी के रूप में, पुनर्भुगतान/पूर्व-भुगतान के लिए निवेश, पूर्ण या आंशिक रूप से, हमारी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, सातविक सोलर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में, राष्ट्रीय राजमार्ग - 16, चमाखंडी, गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क, गोपालपुर, गंजम – 761 020, ओडिशा में 4 GW सौर पीवी मॉड्यूल विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए ("प्रोजेक्ट साइट") और शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करने का प्रस्ताव करती है ("ऑफर का उद्देश्य")।
ऑफर फॉर सेल में परमोद कुमार द्वारा 112 करोड़ रुपये तक और सुनीला गर्ग द्वारा 88 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयर शामिल हैं ("प्रमोटर सेलिंग शेयरहोल्डर")।
डीएम कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड, एम्बिट प्राइवेट लिमिटेड और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड ऑफर के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स या बीआरएलएम हैं।
ये इक्विटी शेयर कंपनी के 15 सितंबर, 2025 के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (“आरएचपी”) के माध्यम से पेश किए जा रहे हैं, जो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, दिल्ली और हरियाणा, नई दिल्ली ("आरओसी") के पास दायर किया गया है और इसे बीएसई लिमिटेड ("बीएसई") और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड ("एनएसई") में सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।
यह प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) नियम, 1957, जैसा कि संशोधित ("एससीआरआर"), के नियम 19(2)(बी) के संदर्भ में एक ऑफर है, जिसे सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 31 के साथ पढ़ा गया है। यह ऑफर सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 6(1) के संदर्भ में बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 32(2) के संदर्भ में, शुद्ध ऑफर का 50% से अधिक योग्य संस्थागत खरीदारों ("क्यूआईबी" और ऐसा हिस्सा, "क्यूआईबी हिस्सा") को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध नहीं होगा, बशर्ते कि हमारी कंपनी, बीआरएलएम के परामर्श से, सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार विवेकाधीन आधार पर एंकर निवेशकों को क्यूआईबी हिस्से का 60% तक आवंटित कर सकती है ("एंकर निवेशक हिस्सा"), जिसमें से कम से कम एक-तिहाई घरेलू म्यूचुअल फंडों के लिए आरक्षित होगा, बशर्ते घरेलू म्यूचुअल फंडों से एंकर निवेशक आवंटन मूल्य पर या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों, सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार। अंडर-सब्सक्रिप्शन, या एंकर निवेशक हिस्से में गैर-आवंटन की स्थिति में, शेष इक्विटी शेयरों को क्यूआईबी हिस्से (एंकर निवेशक हिस्से को छोड़कर) ("नेट क्यूआईबी हिस्सा") में जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा, नेट क्यूआईबी हिस्से का 5% केवल म्यूचुअल फंडों को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा, और शेष नेट क्यूआईबी हिस्सा ऑफर मूल्य पर या उससे अधिक पर प्राप्त वैध बोलियों के अधीन, म्यूचुअल फंडों सहित सभी क्यूआईबी बोलीदाताओं (एंकर निवेशकों के अलावा) को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। हालांकि, यदि म्यूचुअल फंडों से कुल मांग क्यूआईबी हिस्से के 5% से कम है, तो म्यूचुअल फंड हिस्से में आवंटन के लिए उपलब्ध शेष इक्विटी शेयरों को क्यूआईबी को आनुपातिक आवंटन के लिए शेष नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, शुद्ध ऑफर का 15% से कम गैर-संस्थागत बोलीदाताओं ("एनआईबी") को आवंटन के लिए उपलब्ध नहीं होगा, जिसमें से (ए) एक-तिहाई हिस्सा 200,000 रूपये से अधिक और 1,000,000 रूपये तक के आवेदन आकार वाले आवेदकों के लिए आरक्षित होगा; और (बी) ऐसे हिस्से का दो-तिहाई 1,000,000 रूपये से अधिक के आवेदन आकार वाले आवेदकों के लिए आरक्षित होगा, बशर्ते कि ऐसे किसी भी उप-श्रेणी में बिना सब्सक्राइब किया गया हिस्सा, सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार, ऑफर मूल्य पर या उससे अधिक पर प्राप्त वैध बोलियों के अधीन, गैर-संस्थागत बोलीदाताओं की दूसरी उप-श्रेणी में आवेदकों को आवंटित किया जा सकता है।
इसके अलावा, शुद्ध ऑफर का 35% से कम खुदरा व्यक्तिगत बोलीदाताओं ("आरआईबी") को सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार आवंटन के लिए उपलब्ध नहीं होगा, बशर्ते उनसे ऑफर मूल्य पर या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों। इसके अलावा, पात्र कर्मचारियों को [●] इक्विटी शेयर, जो 2 करोड़ रूपये तक हैं, आवंटन के लिए उपलब्ध होंगे, बशर्ते उनसे ऑफर मूल्य पर या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों (कर्मचारी आरक्षण हिस्से के लिए कर्मचारी छूट, यदि कोई हो, के बाद)। सभी बोलीदाताओं (एंकर निवेशकों को छोड़कर) को अपने संबंधित बैंक खातों (यूपीआई तंत्र का उपयोग करने वाले यूपीआई बोलीदाताओं के लिए यूपीआई आईडी सहित) का विवरण प्रदान करके अनिवार्य रूप से एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (“एएसबीए”) प्रक्रिया का उपयोग करना होगा, जिसमें बोली राशि को ऑफर में भाग लेने के लिए एससीबी या प्रायोजक बैंक(ओं) द्वारा ब्लॉक किया जाएगा। एंकर निवेशकों को एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से ऑफर के एंकर निवेशक हिस्से में भाग लेने की अनुमति नहीं है। विवरण के लिए, आरएचपी के पृष्ठ 557 पर "ऑफर प्रक्रिया" देखें।