नई दिल्लीः आने वाले वक्त में हर व्यक्ति एवं अविभाजित हिंदू परिवारों को आयकर रिटर्न फॉर्म में भारतीय संपत्तियों एवं देनदारियों का खुलासा करना होगा। वित्त मंत्रालय इसे अनिवार्य किए जाने की योजना पर काम कर रहा है।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार नया आयकर रिर्टन फॉर्म लाने पर विचार कर रही है। इस फॉर्म में आयकर दाता को सिर्फ विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त हुई सालाना आय का विवरण ही नहीं देना होगा बल्कि अपनी संपत्तियों और देनदारियों की भी जानकारी देनी होगी।
अगले एक-दो दिन में इस संबंध में फैसला ले लिया जाएगा। पिछले साल उन व्यक्तियों के लिए संपत्तियों एवं देनदारियों का ब्यौरा उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया गया था जिनकी विदेश में संपत्तियां हैं।
अधिकारी ने बताया कि नई योजना का मकसद उन हाई नेटवर्थ वाले लोगों के बारे में सूचना प्राप्त करना है जो संपत्ति कर देने से बचने के लिए अपनी संपत्तियों का खुलासा नहीं करते। वित्त वर्ष 2012-13 में संपत्ति कर संग्रह 866 करोड़ रूपए रहा जो 1,244 करोड़ रूपए के अनुमान से काफी कम है।
वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2013-14 के लिए 950 करोड़ रूपए के संग्रह का लक्ष्य रखा है।
आम बजट में सरकार ने एक करोड़ रूपए से ऊपर की वार्षिक कर योग्य आय पर 10 फीसदी अधिभार लगाया था और 50 लाख रूपए से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर डीटीएस लागू किया था। वर्तमान में 30 लाख रूपए से अधिक मूल्य की संपत्तियों का एक फीसदी बतौर संपत्ति कर वसूला जाता है। इसमें एक रिहाइशी संपत्ति और वित्तीय संपत्तियां शामिल नहीं हैं।